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हिमसंस्कृतवार्ताः > Blog > पहाड़ी गल्लां > कजाई कनै छाई दा,बधाणा क्या- (पहाड़ी कविता)प्यार चन्द सिप्पी पालमपुर
पहाड़ी गल्लां

कजाई कनै छाई दा,बधाणा क्या- (पहाड़ी कविता)प्यार चन्द सिप्पी पालमपुर

डॉ.अमनदीप शर्मा
Last updated: 2026/10/05 at 9:56 PM
डॉ.अमनदीप शर्मा - Founder Of Himsanskritam.com
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2 Min Read
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कजाई कनै छाई दा,बधाणा क्या,
उंगल देआ कनै पाणी पा। 
इक टरुर सिदैं पासैं, इक टरुर पुठें,
राईआ दा बस पहाड़ बणा।

कम्म है एह सारा खोदळी दा,
इक्की जो हरा कनै दूजे जता।
पुच्छे कोई तां असां गलाया काहलू,
पर  कंहद्दां ते अपणे नि कन्ना टाह।

खुंन्नेआँ ही कदाळू सही करोति करोति,
अक्खलेआँ बक्खलेआँ दिआँ बीडाँ ढाह।
धीड़ी तरंगड़ बाडाँ दे, लेआई घर चुल्हडू या हमामें च पा।

सेती सरों सट्टा आळे दुआळे,
शरीकां घरैतां जो वहमें च पा।
पिट्टदे रहन जोगी चेलेआँ जाई,
अपणे घरैं थोड़ी धूंणी धखा।

जोगी चेले तां निहालपा बैठेओ,
चार पैसे थोड़े तिन्हां जो बटा।
घरीशणें तिन्हां खरे छेलू भेडू बजेरी,
चंगेरीआ च पाई छाडां छड्डोआ।

द्राणिआँ-जठाणिआँ,सस्सू-नुंहां जो
इक्क दूजे दे खलाफ़ भड़का।
दिक्खेआ जदूँ जे हुँणं पेआ है
मैंहजर, बोला ठाँणे रपट लखा।

पर एह गल नि खरी है मितरो,
जदेआ बांहणा तदेहा ही लुळनां,
बेहि करी सौगी सारेआँ मितरो,
अपणेआँ रोशेआँ-अळामेंआँ मटा।

रेन्ह्द-खूंद कसर मोबाइलैं गोआई,
जिन्नि नि सुंणेआँ उस जो सुणा।
लोकां दा मुंडू बिगड़ेआ छोरू,
अपणेयों ढक्की दुबकी सुआ।

कस्सणी तपाहळी सगणी ज़मीन,
अपणी पहलैं उसजो रुआ।
पुट्टा तपाहळी जदूँ गई  सगोई,
अक्खले बक्खले दीआं पट्टियां रुढ़ा।

क्योलेआँ दी दलाली च हुंदा मुंह काळा,
मत मोयो काळेआँ कम्मां कमा।
नशे दे चिकड़े च फसी कच्ची जुआनी,
मिली जुली करी इन्हां धंधेआं रुका।

मारा दे जबळीआँ घर होए बर्बाद,
करा थोड़ी हिरख थोड़ा बूता तां कमा।
घात लाई/ पठरैं हन बैठेओ सारे दुष्मण वैरी,
डौन्डां सांईं बैठी निरहा दांणां मत खा।

बसदेआँ बसांदेआं खपदिआँ सदियाँ,
उजाड़ने दी बारी इक्क दिन भी मता।
लई के म्याळू जेहड़े चलेयो  घरां फुक्कणा,
नी अग्गी जो तमीज़ नी तां उन्हां जो पता।

अपणे बगाने सारे औंदे उहदी जद्द विच्च,
अग्गी दा ता कम्म सिर्फ करना है स्वाहा।।
सच्च गलाया स्याणेआँ सज्जणों कन्नां सुंणेआं नि करना यकीन,
जाहलु तिक्क नी हखीं दिक्खेआ,
क्या बुझणां कुन्नी गलाहया क्या?

स्वरचित व मौलिक:प्यार चन्द सिप्पी गोपालपुर पालमपुर हिमाचल प्रदेश।

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