Latest पहाड़ी गल्लां News
अम्मा रा चरखा-रविन्द्र
अम्मा रा चरखा सै भी ज़माना था तंजे अपणे आप लोक थे…
घा पुर मिर्चां लाणे आले लोक मते(पहाड़ी कविता) ‘अशोक दर्द’
लोक मते ( कविता ) घा पुर मिर्चां लाणे आले लोक मते…
कजाई कनै छाई दा,बधाणा क्या- (पहाड़ी कविता)प्यार चन्द सिप्पी पालमपुर
कजाई कनै छाई दा,बधाणा क्या, उंगल देआ कनै पाणी पा। इक टरुर…
उठ्ठक बैठक बैल मरै (पहाड़ी कविता)- शक्ति चन्द राणा ‘शक्ति’
उठ्ठक बैठक बैल मरै चाल कुचाला टट्टू पर घर हण्डणीं नार मरै…
कुड़ियां चिड़ियां (पहाड़ी कविता)- सुरेश लता अवस्थी
कुड़ियाँ चिड़ियाँ कुड़ियाँ चिड़ियाँ दी इक जिंदड़ी मार उडारी एह उड़ी जाँदियाँ।…
पहाड़ी गल्लां- नी भुलणा भराड़ीघाट
नी भुलणा भराड़ीघाट ब्लॉसपुरा ते शिमले जो जांदेयाँ औन्दा था बीच रास्ते…
पहाड़ी गल्लां-ः बधी गई हर चीजा री भुख
पहाड़ी गल्लां-ः बधी गई हर चीजा री भुख अज्जकल जिसजो बी देखो…
पहाड़ी गल्लां-ः लागड़ तोकड़ कने फंडर
पहाड़ी गल्लां-ः लागड़ तोकड़ कने फंडर लागड़ तोकड़ कने फंडर मैहसीं रियाँ…
पहाड़ी गल्लां-ः पुराणा डाल़ बडणा नवां कोई नी लाणा
पहाड़ी गल्लां-ः पुराणा डाल़ बडणा नवां कोई नी लाणा डेढ़ सौ साल…
पहाड़ीगल्लां-ः चेला लगया रड़ाणे
पहाड़ीगल्लां-ः चेला लगया रड़ाणे असांरी बोल़ी मैहस दुध देंदी थी बड़ा भारी…



